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Uttarakhand News: ऑफ सीजन में बिजली बिल पर बड़ी राहत, होटल-रेस्त्रां कारोबारियों को सीधा फायदा
उत्तराखंड / 1 hour, 46 minutes पहले / 01 अप्र 2026 / 2 बार देखा गया / 2 मिनट पढ़ने में

Uttarakhand News: ऑफ सीजन में बिजली बिल पर बड़ी राहत, होटल-रेस्त्रां कारोबारियों को सीधा फायदा

उत्तराखंड में ऑफ सीजन (1 नवंबर–31 मार्च) के दौरान होटल और रेस्त्रां कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। अब अगर बिजली खपत 10% तक रहती है, तो उसी अनुसार कम फिक्स चार्ज देना होगा। इससे बंद या कम चलने वाले होटलों का बिजली बिल घटेगा।साथ ही, किसानों के लिए ट्यूबवेल की बिजली बिलिंग अर्धवार्षिक से बदलकर तिमाही कर दी गई है, जिससे एकमुश्त भुगतान का दबाव कम होगा।

देहरादून: उत्तराखंड में होटल और रेस्त्रां कारोबारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पहली बार ऑफ सीजन के दौरान बिजली बिल में विशेष छूट देने का फैसला लिया है। इस फैसले से उन कारोबारियों को सीधा फायदा मिलेगा, जिनका व्यवसाय सर्दियों में लगभग ठप हो जाता है।

आयोग के अध्यक्ष एम.एल. प्रसाद के अनुसार, अब होटल या रेस्त्रां संचालक अगर ऑफ सीजन में अपने स्वीकृत बिजली लोड का केवल 10% तक ही उपयोग करते हैं, तो उन्हें उसी अनुपात में फिक्स चार्ज देना होगा। यानी जितनी कम बिजली खपत, उतना कम बिल।

पहले इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते बंद पड़े होटल और रेस्त्रां को भी भारी बिजली बिल चुकाना पड़ता था।

ऑफ सीजन की अवधि तय

आयोग ने 1 नवंबर से 31 मार्च तक की अवधि को ऑफ सीजन घोषित किया है।

  • अगर किसी महीने में खपत 10% से अधिक होती है, तो उस महीने का बिल पुराने नियमों के अनुसार लगेगा।
  • जैसे ही खपत फिर 10% से कम होगी, उपभोक्ताओं को दोबारा छूट मिलने लगेगी।

यह फैसला खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों के होटल कारोबारियों के लिए राहतभरा है, जहां सर्दियों में पर्यटकों की संख्या काफी कम हो जाती है और कई होटल अस्थायी रूप से बंद रहते हैं। अब बिना उपयोग के भारी बिल भरने की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

पूरे राज्य को मिलेगा फायदा

हालांकि यह सुविधा सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तराखंड में लागू की गई है। इससे मैदानी क्षेत्रों के होटल और रेस्त्रां संचालकों को भी राहत मिलेगी।

किसानों के लिए भी बड़ी राहत

आयोग ने किसानों को भी राहत देते हुए ट्यूबवेल की बिजली बिलिंग व्यवस्था में बदलाव किया है।

  • अब बिल हर 6 महीने की जगह 3 महीने (तिमाही) में आएगा
  • इससे किसानों पर एकमुश्त भुगतान का दबाव कम होगा
  • भुगतान करना आसान और सुविधाजनक होगा

पर्यटन और कृषि को मिलेगा बढ़ावा

यह निर्णय राज्य के होटल-रेस्त्रां कारोबार और कृषि क्षेत्र दोनों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे

  • कारोबारियों का आर्थिक बोझ कम होगा
  • बिजली का उपयोग जरूरत के हिसाब से होगा
  • पर्यटन और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी

कुल मिलाकर, यह फैसला उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के दो अहम स्तंभ-पर्यटन और खेती-को राहत देने वाला माना जा रहा है।

 
 

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