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चमोली

गजब हो गया- 92.84 करोड़ रुपए की शराब पी गए लोग, रिकॉर्ड बना दिया
चमोली / 17 hours, 58 minutes पहले / 03 अप्र 2026 / 3 बार देखा गया / 2 मिनट पढ़ने में

गजब हो गया- 92.84 करोड़ रुपए की शराब पी गए लोग, रिकॉर्ड बना दिया

उत्तराखंड के पहाड़ी जिले चमोली में इस साल शराब की खपत ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया है।

 

उत्तराखंड के पहाड़ी जिले चमोली में इस साल शराब की खपत ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025–26 में जिले में कुल 92.84 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। विभाग का कहना है कि यह पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ता है।

आबकारी विभाग उत्तराखंड के लिए यह साल राजस्व के लिहाज से खासा सफल रहा है। बढ़ी हुई बिक्री को देखते हुए विभाग ने आने वाले वर्षों के लिए भी ऊंचे लक्ष्य तय किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 99 करोड़ रुपये और 2027–28 के लिए 103 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे संकेत मिलता है कि शराब से मिलने वाले राजस्व पर सरकार की निर्भरता आगे और बढ़ सकती है।

हालांकि, बढ़ते आंकड़ों ने प्रशासन के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता भी पैदा की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में शराब की बढ़ती उपलब्धता का असर सामाजिक ताने-बाने पर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि इससे पारिवारिक तनाव, आर्थिक समस्याएं और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने का खतरा है।

जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मण बिष्ट का कहना है कि जिले में सभी शराब की दुकानें नियमों के तहत संचालित हो रही हैं और विभाग की ओर से किसी प्रकार की देयता लंबित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि चमोली जिले के कुछ गांवों में अब भी शराबबंदी लागू है और वहां नियमों का पालन कराया जा रहा है।

एक ओर जहां सरकार के लिए शराब की बढ़ती बिक्री राजस्व का बड़ा स्रोत बन रही है, वहीं दूसरी ओर इसके सामाजिक दुष्परिणामों को लेकर बहस तेज होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व बढ़ाने की इस होड़ में सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

 
 
 

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