उत्तराखंड

उत्तराखंड / 5 days पहले / 27 मा 2026 / 15 बार देखा गया / 2 मिनट पढ़ने में

सीएम धामी ने पीएम मोदी को चारधाम यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चारधाम यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया और यात्रा की तैयारियों की जानकारी साझा की।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें आगामी चारधाम यात्रा में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रा की तैयारियों, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर किए जा रहे इंतजामों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आधार है। यह यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है, जिसमें बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के दर्शन शामिल होते हैं। हर वर्ष देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं, जिससे राज्य के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि उनका मार्गदर्शन और सहभागिता न केवल श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक होगी, बल्कि चारधाम यात्रा के महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने में भी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य सरकार इस वर्ष चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रही है। यात्रा मार्गों के सुधार, बेहतर परिवहन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं की मजबूती और सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही डिजिटल सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को पंजीकरण, यात्रा अपडेट और अन्य सेवाएं आसानी से मिल सकें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव मिले। प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि चारधाम यात्रा न केवल आस्था का केंद्र बनी रहे, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ एक बेहतर और व्यवस्थित धार्मिक यात्रा का उदाहरण भी प्रस्तुत करे।

 
 

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