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उत्तराखंड ग्रामीण बैंक लोन घोटाला: 12 दोषी करार, शाखा प्रबंधक को 4 साल की सजा
क्राइम / 2 hours, 14 minutes पहले / 01 अप्र 2026 / 1 बार देखा गया / 1 मिनट पढ़ने में

उत्तराखंड ग्रामीण बैंक लोन घोटाला: 12 दोषी करार, शाखा प्रबंधक को 4 साल की सजा

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर स्थित 'उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा' में सामने आए करोड़ों रुपये के लोन घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है।

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर स्थित 'उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा' में सामने आए करोड़ों रुपये के लोन घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर को सबसे कड़ी सजा देते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने का आदेश दिया गया है, जबकि अन्य 11 दोषियों को साजिश और धोखाधड़ी के आरोप में एक-एक वर्ष की सजा और आर्थिक दंड दिया गया है। यह मामला वर्ष 2014-15 का है, जब बैंक के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए कृषि मशीनरी की फर्जी खरीद दिखाकर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) और कृषि ऋण स्वीकृत किए गए थे। जांच में सामने आया कि शाखा प्रबंधक ने एक निजी ट्रैक्टर डीलर के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और बिना वास्तविक लेन-देन के लोन वितरित कर दिए, जिससे बैंक को करीब 3.39 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले की शिकायत वर्ष 2018 में बैंक के महाप्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद सीबीआई ने जांच करते हुए 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। हालांकि, सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की मृत्यु हो गई और कुछ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद शेष 12 आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला बैंकिंग व्यवस्था के साथ गंभीर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का उदाहरण है, और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है

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